Inflation (मुद्रास्फीति) का मतलब होता है — कीमतों का लगातार
Inflation (मुद्रास्फीति) का मतलब होता है — कीमतों का लगातार बढ़ना और पैसे की खरीदने की क्षमता (purchasing power) का कम होना।
📈 Inflation क्या है?
जब समय के साथ सामान और सेवाओं की कीमतें बढ़ती जाती हैं, तो उसी पैसे में पहले जितना सामान नहीं मिल पाता — इसे ही inflation कहते हैं।
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💡 आसान उदाहरण:
* आज ₹100 में जो चीज़ मिलती है
* 5 साल बाद वही चीज़ ₹120 या ₹150 में मिले
👉 इसका मतलब inflation हुआ है।
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📊 Inflation क्यों होता है?
1. Demand बढ़ना (Demand-pull inflation)
जब लोग ज्यादा खरीदारी करते हैं, तो कीमतें बढ़ जाती हैं।
2. Production cost बढ़ना (Cost-push inflation)
कच्चा माल, पेट्रोल, बिजली महंगे होने से दाम बढ़ते हैं।
3. Money supply बढ़ना
बाजार में ज्यादा पैसा आने से कीमतें बढ़ती हैं।
4. Supply कम होना
अगर सामान कम उपलब्ध है, तो उसकी कीमत बढ़ जाती है।
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🧠 Inflation के असर
* ₹100 की value कम हो जाती है
* बचत की असली value घटती है
* रोज़मर्रा की चीज़ें महंगी लगती हैं
* salary बढ़ने पर भी purchasing power कम लग सकती है
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📉 Inflation अच्छा भी हो सकता है (थोड़ा)
* 2%–6% inflation एक healthy economy के लिए ठीक माना जाता है
* इससे business और investment बढ़ता है
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⚠️ ज्यादा inflation का खतरा
* गरीबों पर ज्यादा असर
* महंगाई तेज़ बढ़ना
* जीवन यापन महंगा होना
* economy unstable होना
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🏦 कौन control करता है?
Reserve Bank of India (RBI)
* interest rate बदलकर
* money supply control करके
👉 Inflation = जब पैसे की value घटे और चीज़ों के दाम बढ़ें।



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