क्या कृत्रिम बारिश होना संभव है? हाँ, कृत्रिम बारिश (Artific
क्या कृत्रिम बारिश होना संभव है?
हाँ, कृत्रिम बारिश (Artificial Rain) कराना संभव है, और यह तकनीक कई देशों में सफलतापूर्वक प्रयोग की जा चुकी है, जिसमें भारत भी शामिल है।
कैसे होती है कृत्रिम बारिश?
कृत्रिम बारिश की प्रक्रिया को “Cloud Seeding” कहा जाता है। इसमें वैज्ञानिक तरीके से बादलों में कुछ रसायन (जैसे सिल्वर आयोडाइड, पोटैशियम आयोडाइड, या ड्राई आइस - CO₂) डाले जाते हैं ताकि जलवाष्प संघनित होकर वर्षा की बूंदों में बदल जाए।
प्रक्रिया:
1. आसमान में बादल होने चाहिए – बिना बादल के यह तरीका काम नहीं करता।
2. विशेष विमानों या रॉकेट्स की मदद से बादलों में रसायन छोड़े जाते हैं।
3. ये रसायन जलवाष्प को आकर्षित करते हैं और पानी की बूंदें बनने लगती हैं।
4. धीरे-धीरे ये भारी होकर वर्षा के रूप में गिरती हैं।
इसका उपयोग कब और क्यों किया जाता है?
• सूखे के समय पानी की कमी को दूर करने के लिए
• कृषि में सहायता करने के लिए
• वायु प्रदूषण को कम करने के लिए (जैसे दिल्ली में)
• जलाशयों को भरने के लिए
सीमाएँ और चुनौतियाँ:
• यह तरीका 100 प्रतिशत गारंटीशुदा नहीं होता।
• मौसम की स्थिति और बादलों की उपस्थिति जरूरी है।
• पर्यावरणीय प्रभावों पर अभी और शोध ज़रूरी है।
• महंगा हो सकता है।



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