Ownmates Post
सत्ता रहे या ना रहे विचारधारा अडिग होना चाहिए, साउथ इंडिया की पॉलिटिक्स हमेशा से पाखंड धार्मिक उन्माद सांप्रदायिकता के विरोध में रही है, नॉर्थ इंडिया में नेता विचारधारा से समझौता कर लेते हैं, जिससे उनके वोटर उनसे नाराज़ हो जाते हैं,
तमिलनाडु में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने पहले भी कहा था मनुवादियों का धर्म डेंगू मलेरिया के समान है आज फ़िर विधानसभा में उन्होंने कहा कि "सनातन लोगों को बांटता है इसको मिटा देना चाहिए"
सारा खेल विचारधारा का है सत्ता आती जाती रहती है, अडिग विचारधारा लंबे समय तक चलती है जनता विश्वास करती है
17
Likes
1
Comments



Comments
नॉर्थ इंडिया में धर्म की राजनीति और उधर नहीं होती है।