मान कीजिए कि एक पिता के चार बेटे थे। पहला बेटा बहुत साहसी और
मान कीजिए कि एक पिता के चार बेटे थे।
पहला बेटा बहुत साहसी और शक्तिशाली था, इसलिए उसने परिवार और समाज की रक्षा का दायित्व संभाला।
दूसरा बेटा ज्ञान की ओर झुका हुआ था, इसलिए उसने पढ़ना-लिखना सीखा और लोगों को ज्ञान देने लगा।
तीसरे बेटे को दुनिया देखने और नई चीज़ें सीखने का शौक था, इसलिए वह दूर-दूर तक गया और व्यापार करना शुरू किया।
चौथा बेटा धरती से जुड़ा हुआ था; उसने मेहनत और श्रम को अपना मार्ग बनाया और खेती-किसानी तथा सेवा के काम करने लगा।
समय के साथ समाज ने इन अलग-अलग कामों को अलग-अलग वर्गों से जोड़ दिया। धीरे-धीरे यह व्यवस्था इतनी कठोर हो गई कि कुछ लोगों को ऊँचा और कुछ को नीचा समझा जाने लगा, और यहीं से भेदभाव और छुआछूत जैसी समस्याएँ जन्म लेने लगीं।
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सुंदर कहानी