हाँ, MLA (विधायक) का राष्ट्रपति चुनाव में वोट का मूल्य (valu
हाँ, MLA (विधायक) का राष्ट्रपति चुनाव में वोट का मूल्य (value of vote) हर राज्य में अलग-अलग होता है। यह एक विशेष व्यवस्था है जो भारत के राष्ट्रपति चुनाव में अपनाई जाती है ताकि राज्यों की जनसंख्या और विधानसभाओं की सदस्य संख्या के आधार पर संतुलन बनाया जा सके।
🔹 राष्ट्रपति चुनाव में MLA के वोट का मूल्य कैसे तय होता है?
MLA के वोट की वैल्यू इस फॉर्मूले से निकाली जाती है:
\text{MLA का वोट मूल्य} = \frac{\text{राज्य की जनसंख्या (1971 के अनुसार)}}{\text{विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों की संख्या} \times 1000}
🔸 ध्यान दें: जनसंख्या का आंकड़ा 1971 की जनगणना पर आधारित होता है (संविधान के अनुच्छेद 55 के अनुसार), और यह तब तक वैध रहेगा जब तक नई जनगणना को इस संदर्भ में लागू नहीं किया जाता।
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🔹 उदाहरण:
राज्य MLA की वोट वैल्यू (लगभग)
उत्तर प्रदेश 208
सिक्किम 7
अरुणाचल प्रदेश 8
दिल्ली (UT) 58
महाराष्ट्र 175
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🔹 क्यों होता है ऐसा?
• इससे यह सुनिश्चित होता है कि बड़े राज्यों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में अधिक प्रतिनिधित्व मिले।
• लेकिन चूंकि जनसंख्या की गिनती पुरानी (1971) जनगणना से होती है, यह वर्तमान जनसंख्या को सही रूप में नहीं दर्शाती, पर इसे कुछ राजनीतिक संतुलन बनाए रखने के लिए बरकरार रखा गया है।



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