ज़ावर (Zawar) खदान की प्राचीन तकनीक वास्तव में भारत की वैज्ञ
ज़ावर (Zawar) खदान की प्राचीन तकनीक वास्तव में भारत की वैज्ञानिक उन्नति का अद्भुत उदाहरण है। लगभग 12वीं शताब्दी में यहाँ जस्ता (zinc) निकालने के लिए एक reverse distillation विधि विकसित की गई थी, जो अपने समय की अत्याधुनिक और जटिल प्रक्रिया थी। इस तकनीक ने न केवल स्थानीय धातुकर्म को आगे बढ़ाया बल्कि बाद में यूरोप में विकसित तकनीकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी। उदाहरण के तौर पर, ब्रिटेन के वैज्ञानिक William Champion ने 1738 में जस्ता निष्कर्षण की एक प्रक्रिया पर पेटेंट लिया, जो तकनीक रूप में ज़ावर की प्राचीन विधि से काफी मिलती-जुलती थी। उस समय पेटेंट कोर्ट में इस बात पर विवाद भी हुआ कि यह तकनीक भारत में पहले से मौजूद थी। यह दर्शाता है कि यूरोपियन पेटेंट पूरी तरह से ज़ावर की तकनीक की चोरी नहीं थी, बल्कि भारतीय प्रक्रिया से प्रेरित था। इस तरह ज़ावर की प्राचीन धातु निष्कर्षण विधि विश्व स्तर पर अपने समय की वैज्ञानिक उन्नति और नवाचार का प्रतीक मानी जाती है।



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Great thoughts 👍
Thanks for sharing!
Well said!