Vitiligo यानि सफ़ेद दाग तब होता है जब शरीर की immune system
Vitiligo यानि सफ़ेद दाग तब होता है जब शरीर की immune system त्वचा में रंग बनाने वाली कोशिकाओं (melanocytes) को नुकसान पहुँचा देती है, जिससे melanin बनना कम या बंद हो जाता है और त्वचा पर सफ़ेद दाग दिखाई देने लगते हैं। सबसे पहले यूरोपीय देशों में इसे स्पष्ट रूप से पहचाना गया, खासकर इटली, फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन में 19वीं–20वीं सदी के दौरान। इसके बाद अमेरिका में dermatology और immunology के विकास के साथ vitiligo को autoimmune बीमारी के रूप में समझा गया। इसके पीछे autoimmune कारण सबसे आम माने जाते हैं, हालांकि ज़्यादा तनाव, त्वचा पर चोट या जलना, हार्मोनल असंतुलन (जैसे thyroid की समस्या) और कुछ दवाईयो के कारण भी भूमिका निभा सकते हैं। Vitiligo पूरी तरह से अनुवांशिक बीमारी नहीं है, लेकिन फिर भी यह ज़रूरी नहीं कि यह अगली पीढ़ी में हो ही। यह बीमारी न तो छूत की है और न ही खाने-पीने से फैलती है, और सही इलाज व देखभाल से इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। वैज्ञानिक इस पर शोध कर रहे है। और इसे उपचार के लिए हर संभव किया जा रहा है।



Comments
हालांकि इसका कोई इलाज़ नहीं है।
bahut darawani hai 😞🥺
Awesome content!
🙏🏻