रूस और चीन में भारत जैसी आरक्षण (Reservation) की व्यवस्था नह
रूस और चीन में भारत जैसी आरक्षण (Reservation) की व्यवस्था नहीं है। रूस में न तो जाति आधारित आरक्षण है और न ही शिक्षा या सरकारी नौकरियों में किसी विशेष समूह के लिए तय कोटा प्रणाली लागू है। सोवियत काल से ही रूस में कानूनी रूप से नागरिकों की समानता पर ज़ोर दिया गया, हालाँकि वहाँ दिव्यांगों, युद्ध में भाग लेने वाले सैनिकों या सामाजिक रूप से कमजोर व्यक्तियों को कुछ विशेष सुविधाएँ मिल सकती हैं, लेकिन इन्हें आरक्षण या कोटा नहीं माना जाता। वहीं चीन में भी भारत जैसा स्पष्ट आरक्षण तंत्र नहीं है, लेकिन वहाँ जातीय अल्पसंख्यकों (Ethnic Minorities) के लिए सीमित रूप से affirmative action की व्यवस्था है। चीन में 56 मान्यता प्राप्त जातीय समूह हैं, जिनमें हान समुदाय बहुसंख्यक है, और अल्पसंख्यकों को विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षाओं (जैसे Gaokao) में अतिरिक्त अंक, कुछ शैक्षणिक रियायतें और सांस्कृतिक संरक्षण दिया जाता है। इस प्रकार, रूस में आरक्षण पूरी तरह अनुपस्थित है, जबकि चीन में केवल सीमित और प्रोत्साहन आधारित विशेष सुविधाएँ हैं, जो भारत के व्यापक और संवैधानिक आरक्षण तंत्र से भिन्न हैं।



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