ब्रह्मगिरि पर्वत से जल नदियों के रूप में निकलता है। भूगोल मे

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veena tanwar

16-12-2025

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ब्रह्मगिरि पर्वत से जल नदियों के रूप में निकलता है।
भूगोल में इसका सीधा अर्थ है कि ब्रह्मगिरि पर्वत नदियों का उद्गम स्थल है।

संक्षेप में—
ब्रह्मगिरि पर्वत से गोदावरी नदी का उद्गम होता है, जो महाराष्ट्र के त्र्यंबकेश्वर के पास निकलती है। इसके अलावा, पश्चिमी घाट की ब्रह्मगिरि पहाड़ियों (कर्नाटक) से कावेरी नदी का उद्गम तलाकावेरी स्थान से माना जाता है।

पर्वतों पर पानी मुख्य रूप से वर्षा से आता है। जब मानसूनी हवाएँ समुद्र से नमी लेकर आती हैं, तो पर्वतों से टकराने पर ऊपर उठती हैं और ठंडी होकर बारिश (ओरोग्राफिक वर्षा) कराती हैं। यही बारिश का पानी पहाड़ों पर जमा होता है।

इस पानी का एक हिस्सा चट्टानों और मिट्टी में रिसकर भू-जल (groundwater) बन जाता है और बाद में झरनों के रूप में बाहर निकलता है, जबकि बाकी पानी ढलानों से बहकर नदियों और नालों का रूप ले लेता है। ऊँचे पहाड़ों में कुछ मात्रा बर्फ या ओस से भी मिलती है, लेकिन ब्रह्मगिरि जैसे पर्वतों में बारिश ही मुख्य स्रोत है।

सीधे शब्दों में:
👉 पहाड़ पर पानी आता है बारिश से, और वहीं से बहकर नदियाँ बनती हैं।

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4 Comments
Comments
User
Waleed hasan 12-03-2026 02:12

This is amazing!

User
Margaret B 12-03-2026 02:12

Very inspiring!

User
Vani kaur 12-03-2026 02:12

Thanks for sharing!

User
Anshu Kumari 14-03-2026 04:43

Interesting!

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