यह वायरल मैसेज अतिरंजित है और अभी पूरी तरह सच नहीं माना जा स
यह वायरल मैसेज अतिरंजित है और अभी पूरी तरह सच नहीं माना जा सकता। दक्षिण कोरिया के वैज्ञानिकों ने वास्तव में एक ऐसा बायो-एक्टिव पैच/जेल विकसित किया है जो जानवरों पर हुए शुरुआती प्रयोगों में दाँत के अंदर बनने वाले डेंटिन जैसी टिश्यू को दोबारा उगाने में मदद करता है। यह तकनीक दंत-मज्जा (pulp) की स्टेम सेल्स को सक्रिय करके टूटी-फूटी सतह को खुद-ब-खुद ठीक करने का प्रयास करती है। लेकिन अभी तक किसी भी मानव पर बड़े पैमाने पर क्लिनिकल ट्रायल या वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित परिणाम उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए “दांत दोबारा उग जायेंगे” या “डेंचर हमेशा के लिए खत्म हो जाएंगे” जैसी बातें अभी केवल दावे या अनुमान हैं। पूरी तरह नया दांत उगाना बेहद जटिल प्रक्रिया है जिसमें जड़, नसें, इनेमल और हड्डियाँ शामिल होती हैं। इसलिए यह तकनीक फिलहाल केवल छोटे दांतों की मरम्मत तक सीमित है। आने वाले समय में यदि मानव ट्रायल सफल होते हैं, तभी यह असली इलाज बन पाएगा। अभी के लिए यह शोध उम्मीद तो देता है, पर दुनियाभर में इस्तेमाल होने में कई साल लग सकते हैं।



Comments
It is not real. testing in process 🙂
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