झांसी के हादसे में अनेक परिवारों के दीप बुझ गए। घटना के समय
झांसी के हादसे में अनेक परिवारों के दीप बुझ गए। घटना के समय कई लोग बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रयासरत थे। याकूब मंसूरी ने भी अपनी जान की परवाह किए बिना कई बच्चों की जान बचाई, किंतु वह अपनी दो बेटियों को नहीं बचा सके। याकूब की दोनों जुड़वां बेटियों का उपचार मेडिकल कॉलेज में चल रहा था। हादसे के समय याकूब ने खिड़की तोड़कर कमरे में प्रवेश किया और कई बच्चों को सुरक्षित निकाला, लेकिन इस दौरान उन्हें अपनी दोनों बेटियों का पता नहीं चला। #Jhansi #UP
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खुदा का बंदा जो बिना धर्म सोचे आगे आया।
bahut dukhniye hai
Insaniyat bachi hui hai