दो चार ख्वाब हैं मेरे ज़िन्हे मैं .. आसमां से दूर चाहता हूँ
दो चार ख्वाब हैं मेरे ज़िन्हे मैं ..
आसमां से दूर चाहता हूँ ..
ज़िन्दगी भले ही गुमनाम ही हो ..
पर मौत मैं मशहूर चाहता हूँ ... 🤔🤔
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