भारत के सुप्रीम कोर्ट के जज को गाली दे के निकल दिया 😂 पढ़िए
भारत के सुप्रीम कोर्ट के जज को गाली दे के निकल दिया 😂
पढ़िए पूरी क्या हुआ
तारीख: 10 जुलाई 2026, समय: सुबह 11 बजे
जस्टिस के. वी. विश्वनाथन और आलोक अराधे की बेंच के सामने (जो उस दिन आंशिक रूप से काम कर रही थी)।
लखनऊ (यूपी) के प्रबल प्रताप खुद याचिकाकर्ता के तौर पर पेश हुए। उन्होंने जजों को "ज्यूडिशियल सर्वेंट" (न्यायिक सेवक) कहा और उनसे लखनऊ पुलिस के एक असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश देने को कहा, जिस पर साइबर क्राइम का सिंडिकेट चलाने का आरोप था।
जज हैरान रह गए, लेकिन प्रबल अपनी बात कहते रहे। उन्होंने जजों की तरफ कुछ कागजात फेंके और उन्हें CJI तक पहुंचाने को कहा, साथ ही CJI को "MC" कहकर संबोधित किया।
इसके बाद, कोर्ट के सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें कोर्टरूम से बाहर निकाला और कुछ देर के लिए कोर्टरूम के अंदर ही DSP के ऑफिस में हिरासत में रखा गया। बेंच ने उनकी याचिका खारिज कर दी, लेकिन उनके खिलाफ कोर्ट की अवमानना या कोई अन्य सख्त कार्रवाई न करने का फैसला किया। अब देखना होगा कि CJI इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं, क्योंकि उनके साथी जजों ने उस व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जिसने कोर्टरूम के अंदर ही उन्हें "MC" कहा था।
PS: प्रबल प्रताप सुप्रीम कोर्ट में खुद याचिकाकर्ता के तौर पर पेश हुए थे। वे इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दे रहे थे जिसमें स्पेशल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (कस्टम्स), लखनऊ के फैसले के खिलाफ उनकी रिट याचिका खारिज कर दी गई थी। मजिस्ट्रेट ने FIR दर्ज करने का आदेश देने के बजाय उनकी अर्जी को प्राइवेट शिकायत के तौर पर मानने का निर्देश दिया था। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने माना कि ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ याचिकाकर्ता के पास एक असरदार वैकल्पिक उपाय मौजूद था और उन्हें सही फोरम (अदालत या अथॉरिटी) में जाने की छूट दी।
#SupremeCourt #CJI #India #JudgeVsAdvocate #Viral



Comments
Yeh to hona hi tha datekya kare. pe date de raha hai... to vakil
people are frustrated so that's happening in the court or other places.
Gali sunne wala kaam karega to gali hi na dega...😤
सुप्रीम कोर्ट के cji ने बेरोजगार युवक को कॉक्रोच बोला था 😔